क्रिकेट के नियम : Cricket Rules in Hindi

Cricket Rules in Hindi

आज के इस आर्टिकल में हम एक बहुत ही प्रचलित खेल के बारे में बात करेंगे जिसका नाम है क्रिकेट, दोस्तों क्रिकेट लाखों करोड़ों हिंदुस्तानियों के दिल में बसने वाला खेल है। अब यह सिर्फ एक खेल नहीं रह गया यह हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। भारतीयों में यह खेल लोकप्रिय तो है ही इसके साथ साथ यह विश्व का दूसरा सबसे ज्यादा खेले जाने वाला खेल है।

तो चलिए अपना आज का यह आर्टिकल शुरू करते हैं जिसमें हम क्रिकेट के बारे में और बारीकी से जानेंगे और इसे खेलने का नियम भी समझेंगे। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे क्रिकेट का इतिहास और इसके Rules के बारे में बात करेंगे।

Cricket History in Hindi

इस खेल की शुरुआत 17 वी शताब्दी में दक्षिण पूर्व इंग्लैंड से हुई थी। इस खेल को गिल्ली झंडे का खेल भी कहा जाता था। शुरुआती दौर में इसमें बस बल्ले और गेंद का प्रयोग किया जाता था। ऐसा कहा जाता है कि गेंद में रस्सी लगाकर उसे फेंका जाता था।

क्रिकेट में जिस बल्ले का हम उपयोग करते हैं वह पहले के समय में बहुत हद तक हॉकी स्टिक जैसा दिखाई पड़ता था। लेकिन आगे चलकर इसमें काफी बदलाव किए गए और फिर आज हम जैसी क्रिकेट बैट देखते हैं वैसी ही बैट तैयार होकर सामने आई।

इस खेल की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां पर हमें नियम और कानून बहुत ही जल्दी देखने को मिले थे। 1744 में सबसे पहले क्रिकेट के कानून बनाए गए थे। यह वह समय था जब ज्यादातर खेलों के पोशाक तथा कानून नहीं बने थे। जब Cricket ke niyam बनने शुरू हुए थे तब बल्ले के आकार और प्रकार में कोई भी पाबंदी नहीं लगाई गई थी।

Cricket History in Hindi

क्रिकेट के शुरुआती दौर में बॉल को ज़मीन पर लुड़काने का चलन था। लेकिन जब MCC (Merylebone Cricket Club) ने खेल में सुधार किए तब खिलाड़ियों ने बॉल को हवा में उछाल कर फेंकना शुरू कर दिया। बॉल को हवा में उछालने से वह कई बार बल्लेबाज़ों को चकमा भी दे पाते थे। यहीं से Spin और Swing जैसे टेक्निक भी क्रिकेट के खेल में शामिल होना शुरू हुए।

देखते देखते ही यह खेल बाकी देशों में भी खेला जाने लगा। भारत में क्रिकेट का लुभावना खेल 18 वीं शताब्दी में आया और पहला भारतीय क्रिकेट का क्लब भारत में 1792 में बना था। जिसका नाम था कलकत्ता क्लब (Calcutta Club)

18 वीं शताब्दी में जब यह खेल आया था तो इसे बस अंग्रेजों द्वारा ही खेला जाता था। और वह भारतीयों को क्रिकेट खेलने लायक नहीं समझते थे और ना ही उनसे उम्मीद करते थे कि वह इस खेल को सही ढंग से खेल सके। लेकिन आज के समय में स्थिति कुछ और हैं।

Cricket Rules in Hindi

अब तक हमने क्रिकेट के बारे में तो काफी चीजें जान ली  लेकिन अब समय है क्रिकेट के कुछ महत्वपूर्ण Rules समझने का। क्रिकेट खेलते वक्त हम जितने भी नियमों का पालन करते हैं उसे एक संस्था बनाती है जिसका नाम MCC ( Marylebone Cricket Club ) है। MCC ही क्रिकेट के नियमों में बदलाव भी करते हैं और उन्हें बेहतर से बेहतर बनाते हैं। क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों से जुड़े नियमों और क़ानूनों के बारे में अब हम बात करेंगे।

क्रिकेट के सभी रूल्स को हमने लिस्ट बनाकर विस्तार से बताया है।

  • The No of Players (खिलाड़ियों की संख्या )

क्रिकेट के खेल के अंदर एक टीम में 11 खिलाड़ी ही आ सकते हैं। इन 11 खिलाड़ियों में से ही एक खिलाड़ी Captain बनता है और अपने टीम का नेतृत्व करता है। खेलते वक्त अगर 11 में से किसी भी एक खिलाड़ी को चोट लगती है या किसी कारण वश वह टीम से बाहर होना चाहता है, तो ऐसी परिस्थिति में खेल कायम रहता है।

  • The Field ( मैदान )

क्रिकेट के खेल में मैदान के आकार प्रकार से जुड़ी कोई भी नियम निश्चित नहीं की गई है। यहां पर आपको मैदान का कोई भी आकार देखने को मिल सकता है। कोई मैदान पूरे गोल हो सकते हैं तो कोई मैदान अंडाकार आकार के। क्रिकेट पिच लम्बाई 22  गज होती है और इसकी चौड़ाई करीब 10 feet होनी चाहिए।

  • The Ball ( गेंद )
cricket ki ball ka weight

क्रिकेट के अंदर खिलाड़ी जिस गेंद का इस्तेमाल करते हैं उसका आकार भी कुछ नियमों के अनुसार निश्चित किया गया है। गेंद का सरकम्फ्रेंस 22.0 से लेकर 22.9 cm तक होना चाहिए। इसके अलावा गेंद का वजन 155 से 165 grams के बीच में होना चाहिए। गेंद के खो जाने या खराब हो जाने के बाद खिलाड़ियों को नई गेंद उपलब्ध करवाई जाती है।

  • The Bat ( बल्ला )
क्रिकेट का बैट

शुरुआती दिनों में जब क्रिकेट खेला जाता था तो बल्ले का कोई आकार तथा वजन सुनिश्चित नहीं किया गया था। लेकिन आगे चलकर जब एक खिलाड़ी ने एक ऐसे बल्ले का इस्तेमाल किया जो विकेट जितना चौड़ा था और अपना पूरा मैच उसी बल्ले से खेल लिया तब कुछ नियम और कानून बल्ले के लिए भी बनाए जाने लगे। अभी हम जिस बल्ले का इस्तेमाल करते हैं उसकी चौड़ाई निश्चित तौर से 108 mm या उससे कम की ही होनी चाहिए। बल्ले की मोटाई 67 mm के आसपास होनी चाहिए और इसकी लंबाई 965 mm तक ही सीमित कर दी गई है। बल्ले का एज 40 mm से ज्यादा नहीं होना चाहिए। बल्ले के बनावट में लकड़ी तथा रबर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • Creases ( क्रीज )

क्रिकेट के खेल में आपको दो तरह के Crease दिखाई देंगे पहला Bowling Creases और दूसरा Batting Creases। Creases को हमेशा सफेद रेखा से दर्शाया जाता है। बल्लेबाज और गेंदबाज़ दोनों को ही Creases के द्वारा संचालन करने के जगह का अंदाज़ लगता है। बल्लेबाज और गेंदबाज़ दोनों को ही अपने निर्धारित Creases के अंदर ही खेलना होता है। अगर दोनों में से किसी ने भी Creases के अंदर आने वाले नियमों का पालन नहीं किया तो वे आउट हो सकते हैं।

क्रिकेट की जानकारी

क्रिकेट का खेल बहुत ही सरल तथा दिलचस्प है जिसमें बल्लेबाज और गेंदबाज़ के अलावा भी कई लोग कई तरह की भूमिका निभाते दिखाई पड़ते हैं।

इस खेल में हर इंसान कि एक भूमिका और उसका एक महत्व होता है। क्रिकेट के खेल में खिलाड़ियों का मुख्य उद्देश्य होता है कि ज्यादा से ज्यादा रन इकट्ठा करें अपने प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले। यह खेल दो टीमों के बीच है जिस भी टीम के अधिक अंक होते हैं वह मैच जीत जाती है।

  • The Batsman ( बल्लेबाज )

Batsman जिसे हिंदी में बल्लेबाज भी कहा जाता है क्योंकि इनका मुख्य काम होता है बल्ला चला के सामने आने वाली गेंद को मारना। बल्लेबाज क्रिकेट की टीम के सबसे मुख्य अंग होते हैं क्योंकि इनकी ज़िम्मेदारी होती है ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करना। जब इंग्लैंड में क्रिकेट की शुरुआत हुई थी तो यह काम अमीर लोगों को ही दिया जाता था। शुरुआती समय के इंग्लैंड में बल्लेबाजी को अमीरों का शौक भी कहा जाता था। आज के समय में बल्लेबाजी कोई भी कर सकता है महत्वपूर्ण बात यह है कि उसमें बल्लेबाज बनने की कुशलता होनी चाहिए।

बल्लेबाज

बल्लेबाज़ों को भी कई नाम से पुकारा जाता है नीचे हमने सभी के बारे में जानकारी दी है:

जो बल्लेबाज पारी की शुरुआत करते हैं किसी भी मैच में उन्हें Openers का नाम दिया जाता है।

Middle Order Batsman (मिडल ऑर्डर बैटमैन) उन्हें कहा जाता है, जिनकी बल्लेबाजी तीसरी तथा पांचवी बार में आती है।

वे बल्लेबाज जिनकी बल्लेबाजी आखिरी समय में रखी जाती है उन्हें Finishers का नाम दिया गया है। जैसे : महेंद्र सिंह धोनी

Finishers
  • The Bowlers ( गेंदबाज )

Bowlers को हिंदी में गेंदबाज़ कहा जाता है। इनका मुख्य काम होता है बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी कराने का। एक गेंदबाज़ बल्लेबाज की तरफ क्रिकेट का गेंद फेंकता है जिसके द्वारा बल्लेबाज अपने बल्ले से गेंद को मार सके और अपने अंक बना सके। बल्लेबाज भी दो प्रकार के होते हैं और दोनों को ही अलग-अलग नाम दिए गए हैं क्रिकेट के खेल के अंदर।

गेंदबाज

सबसे पहले आता है Fast Bowlers तथा Pacemen जिनका मुख्य काम होता है बॉलिंग करवाना। Fast Bowlers तथा Pacemen का काम होता है तेज गेंद फेक कर बल्लेबाजी कराना तथा जो Spinner (स्पिनर) होता है वह गेंद को spin करवाने की टेक्निक जानता है। Spinner कई बार अपनी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बॉल को spin करवा कर अलग दिशाओं में फेंकते हैं ताकि बल्लेबाज का ध्यान भटके और वो कोई गलती करें जिससे अंक ना बन सके।

  • All-Rounder (ऑलराउंडर )

ऐसे खिलाड़ी जो अलग-अलग समय पर बैटिंग तथा बॉलिंग दोनों ही कर सकते हैं। इन खिलाड़ियों की हर टीम को आवश्यकता होती है क्योंकि ऐसे खिलाड़ी बल्लेबाज़ी का भी काम कर सकते हैं तथा गेंदबाज़ी का भी।

  • Wicket-Keeper ( विकेटकीपर )

वे लोग जो विकेट के पीछे खड़े रहते हैं ताकि बाल पकड़ सके। विकेटकीपर बैटमैन को रन आउट तथा आउट भी कर सकते हैं अगर वैसी स्थिति बनी तो। यह मैदान में बैटमैन की पीछे खड़े रहते हैं गेंद को पकड़ने के लिए।

  • Umpire ( निर्णायक )

Umpire वह व्यक्ति होता है जो क्रिकेट के इस पूरे खेल का संचालन करता है। Umpire का काम होता है कि वह क्रिकेट के नियमों के हिसाब से मैदान में सही व सटीक निर्णय ले। इस खेल में तीन अंपायर रहते हैं। पहले दो अंपायर मैदान में मौजूद रहते हैं और वहीं पर खेल का संचालन करते हैं। बाकी एक अंपायर मैदान के बाहर रहता है और वह वही से अपनी भूमिका निभाता है।

खेल के दौरान सारे छोटे व बड़े निर्णय एक Umpire ही लेता है और इसी वजह से Umpire की भूमिका भी क्रिकेट के खेल में बहुत जरूरी मानी जाती है। Umpire को क्रिकेट के नियम की पूरी जानकारी होना अनिवार्य होता है।

क्रिकेट के नियम

ओवर तथा बॉल

क्रिकेट के खेल में एक दिवसीय क्रिकेट में 50 ओवर होते हैं जिसमें से कुल संख्या में 300 बॉल खेलाएं जाते हैं। अगर एक ओवर की बात करें तो, 1 ओवर में 6 बॉल होते है। वही 20-20 क्रिकेट में सिर्फ 20 ओवर हुआ करते हैं। इसमें पांच गेंदबाज़ चार ओवर ही करते हैं।

टेस्ट मैच

टेस्ट मैच क्रिकेट के अंदर खेले जाने वाला सबसे लंबे देर का खेल होता है। यह चार-पांच दिन तक चलता है और इसमें चार पारी होती है। वह टेस्ट मैच जो 4 दिन तक चलते हैं उसमें 98 ओवर होते हैं तथा वह जो 5 दिन तक चलते हैं उसमें 90 ओवर 1 दिन के होते हैं। हर टेस्ट मैच खेलते वक्त 1 दिन में 3 सेशन होते हैं 2 घंटे के और उसके बाद खिलाड़ियों को 40 तथा 20 मिनट का ब्रेक दिया जाता है। इस तरह के मैच देश में और देश के बाहर दोनों ही जगह पर खेले जा सकते हैं।

चार रन के नियम

इस खेल में बाउंड्री निर्धारित होती है। अगर बल्लेबाज के बल्ले से बॉल लगकर बाउंड्री के भीतर या बाउंड्री के बाहर चली जाती है तो इसे 4 रन माना जाता है जिसे चौंका भी कहते हैं।

छह रन के नियम

क्रिकेट के खेल के अंदर 6 रन उच्चतम संख्या होती है रन बनाने की। अगर बल्लेबाज के बल्ले से गेंद लगने के बाद बिना ज़मीन को छुए बाउंड्री के उस पार चली जाए तो माना जाता है कि 6 रन यानी कि छक्का हुआ है।

अतिरिक्त रन

क्रिकेट के खेल में गेंदबाज़ कई बार गलत दिशा में या गलत तरीके से गेंद फेक देता है। ऐसा होने पर दूसरी टीम के बल्लेबाज को 1 रन दिया जाता है।

वाइड बॉल के नियम

वाइड बॉल के नियम में भी बल्लेबाज को अधिक रन दिए जाते हैं। वाइड बॉल तब होती है जब गेंदबाज़ ऐसा गेंद फेंकता है जिसे बल्लेबाज चाह कर भी मार ना सकता। ऐसे में वाइड बॉल को एक गेंदबाज़ की गलती मान कर बल्लेबाज को अतिरिक्त रन दिए जाते हैं।

हिट विकेट

बल्लेबाज विकेट के ठीक आगे खड़ा रहता है। इसी वजह से कई बार किसी गलती के दौरान बल्लेबाज से विकेट गिर जाती है इस स्थिति को हिट विकेट का नाम दिया गया है।

नो बॉल

अगर किसी कारणवश गेंदबाज गलत गेंद डालता है जैसे कि गेंद अधिक तिरछी मारना, बल्लेबाज के मुकाबले गेंद काफी ऊंची मारना तथा गेंदबाज का पैर रिटर्न क्रीज से बाहर होना, तो ऐसी स्थिति में भी बल्लेबाज को अतिरिक्त रन दिए जाते हैं।

क्षेत्र रक्षक

क्षेत्र रक्षक यानी कि Fielding में भी कई नियम होते हैं। क्षेत्र रक्षक का मुख्य काम होता है कि बल्लेबाज के द्वारा मारे गए बॉल को कैच करें।

  • नियम 1. लेग साईड में 5 से ज्यादा क्षेत्र रक्षक को अनुमति नहीं है।
  • नियम 2. क्षेत्र रक्षक का मुख्य काम बल्लेबाज को रन आउट करने का होता है उसकी बॉल कैच करके।
  • नियम 3. क्षेत्र रक्षक गेंद रोकने के लिए सिर्फ अपने शरीर का इस्तेमाल कर सकता है, किसी वस्तु का नहीं। ऐसा करने पर उसे 5 रन प्रतिद्वंदी टीम को देना पड़ सकता है।

बाई बॉल

बाई बॉल तब होती है जब गेंदबाज बल्लेबाज की तरफ बॉल फेंकता है लेकिन वह बल्लेबाज के बल्ले से ना ही टकराती है और ना ही विकेटकीपर के हाथ में लगती है। ऐसे बॉल को बाई बॉल कहते हैं।

बोल्ड

अगर गेंदबाज सीधे स्टंप पर मारता है और बल्लेबाज उस गेंद को स्टंप में लगने से नहीं बचा पाता और स्टंप की लकड़ीयाँ गिर जाती हैं। ऐसी स्थिति में बोल्ड माना जाता है।

LPW Out ( पगबाधा )

LPW का फुल फॉर्म होता है लेग बिफोर विकेट। यह वैसी स्थिति है जब बाल पैर से टकराए और विकेट पर ना लगे या ऐसी आशंका हो कि अगर पैर से ना टकराती तो विकेट पर लगती। ऐसी स्थिति में LPW आउट माना जाता।

रन आउट

रन लेने के लिए जब बल्लेबाज दोनों छोड़ तरफ विकेट के बीच में दौड़ता है और उसी वक्त अगर कोई उस का विकेट गिरा दे बॉल को मारकर, तो ऐसे में बल्लेबाज को रन आउट माना जाता है।

Conclusion 

आशा है इस आर्टिकल से आपको काफी कुछ सीखने को मिला होगा। हमने इस आर्टिकल में क्रिकेट से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण तथा अनोखी बात बताने की कोशिश की है।

हमने क्रिकेट के बारे में तथा उसके इतिहास के बारे में भी ऊपर बात की है। जिससे ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को हमारे सबसे प्रिय खेल क्रिकेट से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जानने को मिले।

इस आर्टिकल में हमने cricket के rules के बारे में भी बात की है जिसमें हमने सारे ही जरूरी क्रिकेट से जुड़े उपकरणों के बारे में बात की है जैसे कि बल्ला, गेंद, पिच, फील्ड आदि।

1 Comment

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